नई दिल्ली,10 मार्च
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ चल रहे युद्ध के जल्द समाप्त होने की संभावना जताने के बाद वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल के दाम में कमी आई है। आज कच्चे तेल की कीमत में छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जिससे ब्रेंट क्रूड लगभग 93 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
इससे पहले सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें तेज उछाल के साथ 119 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। बाद में ट्रंप के बयान के बाद ब्रेंट क्रूड गिरकर 98.96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड ने 91.49 डॉलर प्रति बैरल के भाव से कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में यह फिसलकर 88.22 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। इसके बाद इसमें कुछ सुधार देखा गया। दोपहर लगभग 11 बजे तक ब्रेंट क्रूड करीब 6.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी सोमवार को 119 डॉलर प्रति बैरल का स्तर पार करने के बाद 94.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार समाप्त किया था। मंगलवार को इसने 87.81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में गिरकर 84.43 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में कीमतों में कुछ सुधार आया और दोपहर 11 बजे तक यह करीब 6.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.38 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वायदा बाजार में भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 6.51 डॉलर प्रति बैरल यानी करीब 6.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स करीब 6.12 डॉलर प्रति बैरल यानी 6.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है।
पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के कारण सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना जताने के बाद बाजार में आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कम हुई, जिसके कारण कच्चे तेल के दाम में गिरावट का रुख देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत कर ईरान से जुड़े संघर्ष को जल्द समाप्त करने की दिशा में चर्चा की और शांति प्रस्ताव रखने की बात कही। इसके बाद ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में युद्ध के जल्द समाप्त होने के संकेत दिए।
हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी आईआरजीसी ने ट्रंप के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि युद्ध का अंत ईरान ही तय करेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने के कारण आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिर भी फिलहाल कीमतों में आई गिरावट भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देशों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।



