न्यूयॉर्क, 10 मार्च।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का स्पष्ट उल्लंघन है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की हालिया रिपोर्ट में सीमापार सशस्त्र हिंसा से नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता जताई गई है और भारत इस चिंता का समर्थन करता है।
भारत ने कहा कि पवित्र रमजान के महीने में हुए इन हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक मारे गए हैं। छह मार्च 2026 तक 185 निर्दोष लोगों की मौत हुई है, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इन हमलों के कारण एक लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। पर्वतानेनी हरीश ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता की बात करने वाले हमलों को रोकने में विफल हैं।
भारत ने अफगानिस्तान के युवाओं और खेल उत्साह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के युवा क्रिकेट खेलते हुए पूरे उत्साह का प्रदर्शन कर रहे हैं और क्रिकेट टीम का जोश एवं जज्बा लोगों के दिलों में उम्मीद जगाता है। भारत ने कहा कि वह अफगान क्रिकेट के सफर में भागीदार होने पर गर्व महसूस करता है।
भारत ने आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा बताया। पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि आईएसआईएल, अल-कायदा और उनके सहयोगी संगठनों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रेजिस्टेंस फ्रंट जैसे संगठनों और उनके समर्थकों को सीमा पार आतंकवाद फैलाने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एकजुट होने की जरूरत बताई।
भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संघर्ष में सबसे पहली प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सिद्धांतों का पालन करते हुए सभी पक्षों को हिंसा रोकने और शांति बहाल करने के कदम उठाने चाहिए। अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के बयान के अन्य अंशों में कहा गया कि भारत 34 प्रांतों में 500 से ज्यादा डेवलपमेंट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट्स के माध्यम से हेल्थकेयर, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपेसिटी बिल्डिंग में भागीदारी बढ़ा रहा है। पिछले तीन महीनों में इम्यूनाइजेशन वैक्सीन की एक मिलियन डोज और 9.5 टन एंटी-कैंसर दवाएं डिलीवर की गई हैं। भारत ने अपील की कि मुश्किल हालात में जबरदस्ती लोगों को वापस भेजने से रोका जाए और सदस्य देश अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को निभाएं। भारत हमेशा अफगान समाज की जरूरतों और उम्मीदों के लिए खड़ा रहेगा और अफगान लोगों का समर्थन करता रहेगा।



