एक महत्वपूर्ण महकमे के मुखिया नौकरशाह इन दिनों मुश्किल में हैं। विभाग को लेकर लगातार गंभीर शिकायतें मंत्री से लेकर शीर्ष स्तर तक पहुंच रही हैं और संगठन से लेकर नौकरशाही के गलियारों में भी खूब चर्चा है। इसी बीच प्रदेश के नौकरशाही मुखिया ने हाल ही में प्रशासन की चुस्ती और जीरो टॉलरेंस की बात सार्वजनिक मंच से कही। साहब ने सोचा कि इससे पहले कोई और कहानी बने, खुद ही जाकर अपनी सफाई दे दी जाए।
लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। बड़े साहब के यहां सफाई देने पहुंचे थे, लौटे चेतावनी के साथ। अब चेहरे पर मायूसी और मन में उलझन है कि आखिर करें तो क्या करें। क्योंकि विभाग भी महत्वपूर्ण है और उसमें चल रहे कामों से अकेले साहब ही नहीं, कई लोगों का बारह न्यारा हो रहा है।



