कोलकाता, 07 मार्च 2026।
चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के कोलकाता आगमन से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास क्षेत्र वाले वार्ड में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मजाक उड़ाने वाले पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इन पोस्टरों में मुख्य चुनाव आयुक्त को कार्टून के रूप में दिखाया गया है।
पोस्टरों में मुख्य चुनाव आयुक्त को जमीन पर गिरा हुआ और माफी मांगता हुआ दर्शाया गया है। चित्र में एक महिला का मुक्का उनके चेहरे पर पड़ता दिखाया गया है, हालांकि महिला का चेहरा स्पष्ट नहीं है। मुक्के पर बाघिन लिखा हुआ है और चित्र में सफेद आधार तथा हल्की नीली किनारी वाली साड़ी का आभास भी दिया गया है, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पहचान से जोड़ा जा रहा है। साथ ही पोस्टर में एक न्यायाधीश को अपनी कुर्सी पर बैठे हुए भी दर्शाया गया है।
चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ अगले दो दिनों के कार्यक्रम के साथ कोलकाता पहुंचने वाली है। इस दौरान आयोग “तार्किक विसंगति” श्रेणी में चिन्हित मतदाताओं के दस्तावेजों से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगा और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का भी मूल्यांकन करेगा।
स्थानीय स्तर पर इन पोस्टरों की जिम्मेदारी तृणमूल कांग्रेस की इकाई ने ली है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। भाजपा पार्षद ने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उसके प्रमुख का इस तरह अपमान स्वीकार्य नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आयोग के दौरे से पहले सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाना राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। माना जा रहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में कथित फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की चर्चा के बीच यह विवाद सामने आया है।



