नई दिल्ली, 05 मार्च 2026
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को दुनिया की पहली फ्रैंचाइजी आधारित रोड साइक्लिंग लीग का लोगो लॉन्च किया। ‘साइक्लिंग लीग ऑफ इंडिया’ पहल को देश में साइक्लिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह लॉन्च भारत में साइक्लिंग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि दुनिया की पहली फ्रैंचाइज़ आधारित रोड साइक्लिंग लीग की शुरुआत कर भारत केवल रेस आयोजित नहीं कर रहा है, बल्कि एक ऐसा प्रोफेशनल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है जो प्रतिभाओं को आगे बढ़ाएगा, वैश्विक ध्यान आकर्षित करेगा और फिट तथा ऊर्जावान भारत के विज़न को मजबूत करेगा। मंत्री ने कहा कि यह पहल देश में हाल में हुए प्रोफेशनल साइक्लिंग आयोजनों से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने का काम करेगी और युवाओं को इस खेल को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने कहा, “चाहे वह पुणे ग्रैंड टूर हो, अहमदाबाद में आयोजित यह लीग हो या ‘संडे ऑन साइकिल’ जैसा अभियान, जो हर सप्ताह देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होता है। यह सभी पहल आने वाले समय में भारत में साइक्लिंग को एक प्रमुख खेल के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगी।” उन्होंने कहा कि दुनिया की पहली फ्रैंचाइजी आधारित रोड साइक्लिंग लीग एक प्रोफेशनल और व्यावसायिक रूप से टिकाऊ खेल इकोसिस्टम बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आगामी लीग में आठ शहरों या क्षेत्रों की फ्रैंचाइज़ होंगी, जिनमें प्रत्येक टीम में दस साइकिलिस्ट शामिल होंगे। हर टीम में दो अंतरराष्ट्रीय राइडर होंगे, जो वैश्विक अनुभव और प्रतिस्पर्धात्मकता लेकर आएंगे। साथ ही दो जूनियर साइकिलिस्ट भी शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य उभरती भारतीय प्रतिभाओं को अवसर देना और खेल की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
यह प्रतियोगिता तीन चरणों में आयोजित की जाएगी, जो अंत में ग्रैंड फिनाले तक पहुंचेगी। इसमें क्राइटेरियम रेस, टीम टाइम ट्रायल और मास स्टार्ट इवेंट जैसे विभिन्न प्रारूपों की रेस होंगी, जिन्हें दर्शकों के लिए रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और रोमांचक अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
न्यू होराइजन अलायंस प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवनीत गिल ने इस पहल के दीर्घकालिक विज़न पर भी जोर दिया।
आठ गतिशील फ्रैंचाइजी, अंतरराष्ट्रीय और उभरती प्रतिभाओं के मिश्रण तथा रोमांच और निष्पक्षता को ध्यान में रखकर तैयार किए गए रेस प्रारूपों के साथ यह लीग भारत में साइक्लिंग के लिए एक स्थायी विरासत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नई लीग से देश के साइक्लिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने, खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ाने और वैश्विक खेल परिदृश्य में भारत की मौजूदगी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह नई पीढ़ी को इस खेल की ओर आकर्षित करने में भी सहायक होगी।
भारत में कई खेलों में प्रोफेशनल लीग संस्कृति तेजी से विस्तार कर रही है।
आने वाले समय में कई नई लीग शुरू होने की तैयारी है। वर्ष 2026 में भारत में प्रोफेशनल लीग के और विस्तार की संभावना जताई जा रही है, जिससे देश के खेल बुनियादी ढांचे और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल को और मजबूती मिलेगी।



