वॉशिंगटन/कैनबरा, 10 मार्च।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से अपील की है कि वह ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण दे। ट्रम्प ने कहा कि यदि इन खिलाड़ियों को वापस ईरान भेजा गया तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
यह मामला तब सामने आया जब ऑस्ट्रेलिया में महिला एशियन कप के दौरान ईरानी टीम से जुड़ा विवाद उजागर हुआ। रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद ईरानी महिला टीम ने मैच से पहले राष्ट्रगान नहीं गाया, जिसे सरकार के खिलाफ विरोध के रूप में देखा गया। इसके बाद ईरानी मीडिया और कुछ मंचों पर खिलाड़ियों की आलोचना की गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि खिलाड़ियों को ईरान लौटाया गया तो उन्हें कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है और उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। उन्होंने इसे संभावित मानवीय संकट बताते हुए ऑस्ट्रेलिया से खिलाड़ियों को शरण देने का आग्रह किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया इन खिलाड़ियों को आश्रय देने के लिए तैयार नहीं होता है, तो अमेरिका उन्हें शरण देने के लिए तैयार है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।



