वॉशिंगटन, 10 मार्च।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच सोमवार रात चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करता है तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह जलमार्ग दुनिया के तेल उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसका अवरुद्ध होना वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर असर डाल सकता है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अगर ईरान की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में तेल की निकासी रुक जाती है तो अमेरिका अब तक किए गए हमलों से बीस गुना अधिक शक्तिशाली हमला करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने युद्ध के दौरान ईरान पर 5,000 से अधिक सटीक हमले किए हैं और यदि जरूरत पड़ी तो विद्युत उत्पादन इकाइयों को भी तबाह किया जा सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मियामी-एरिया गोल्फ क्लब में अपने पहले आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में ईरान को कई बार धमकी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सेना तेल टैंकरों को रोकती है तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने इस लड़ाई में अमेरिका के खड़े होने पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि उनका सैन्य अभियान अपने मकसद के अहम पड़ाव पर पहुंच चुका है।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक रणनीतिक जलडमरूमध्य है। यह ईरान और ओमान/यूएई को अलग करता है और वैश्विक तेल परिवहन का लगभग 20-30 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यहां से सऊदी अरब, ईरान, कुवैत, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से कच्चा तेल और एलएनजी निर्यात होता है। इस जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
भारत के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का दो-तिहाई हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है, जहां ईरानी और अमेरिकी नौसेना के बीच अक्सर आमना-सामना होता रहा है।



