02 मार्च, फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद जिले में साहित्यिक संस्था अभिव्यंजना के तत्वावधान में छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री महादेवी वर्मा की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। फाल्गुनी पूर्णिमा के अवसर पर रेलवे रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर सोमवार प्रातः 9 बजे माल्यार्पण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने हिस्सा लिया और कवयित्री को श्रद्धासुमन अर्पित किए। नगर एवं जनपद के अनेक साहित्यकार, कवि, शिक्षाविद और साहित्य प्रेमियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। संस्था के समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अभिव्यंजना वर्ष भर हिंदी भाषा और साहित्य के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
कार्यक्रम में साहित्यकारों ने महादेवी वर्मा की प्रतिमा के निकट रखे ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर महेश पाल सिंह, सुरेन्द्र पांडेय, बृजकिशोर सिंह, रामशंकर मिश्र अबोध, भारतीय मिश्रा, रविंद्र भदोरिया, संजय गर्ग, निमिष टण्डन, नलिन श्रीवास्तव, सदानंद शुक्ला, अखिलेश अग्निहोत्री, अनुराग पांडे, राजेश निराला, राजेश हजेला सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे।
महादेवी वर्मा का जन्म 1907 में फर्रुखाबाद के गणेश प्रसाद मोहल्ले में हुआ था। बाल्यकाल मध्य प्रदेश में व्यतीत होने के बावजूद उनका जन्मस्थली से गहरा लगाव रहा। हिंदी साहित्य के छायावादी युग की यह प्रमुख कवयित्री करुणा, संवेदना, आध्यात्मिकता और नारी अस्मिता की अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने शिक्षाविद, समाजसेवी और साहित्यिक चेतना की भूमिका निभाते हुए हिंदी साहित्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


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