कोलकाता, 28 फरवरी 2026।
तृणमूल कांग्रेस ने प्रख्यात अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यदि वह निर्वाचित होती हैं तो वे देश की पहली समलैंगिक सांसद बनकर इतिहास रच सकती हैं। पार्टी के इस फैसले को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेनका गुरुस्वामी कानून के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं और उन्होंने कई ऐतिहासिक मामलों में उच्चतम न्यायालय में प्रभावी पैरवी की है।
मेनका गुरुस्वामी की शिक्षा देश और विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में हुई है। उन्होंने राष्ट्रीय विधि विद्यालय, हार्वर्ड विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों से अध्ययन किया है। कानून के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें एक प्रभावशाली कानूनी विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने कई संवेदनशील और चर्चित मामलों में न्यायालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उनके पिता मोहन गुरुस्वामी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व रणनीतिकार रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के विशेष सलाहकार भी रह चुके हैं। हालांकि मेनका ने पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से अलग अपनी पेशेवर पहचान बनाई और कानून के क्षेत्र में स्वतंत्र मुकाम हासिल किया।
मेनका गुरुस्वामी ने छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियान सलवा जुडूम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने मणिपुर में सेना पर लगे कथित हत्या के आरोपों से जुड़े मामलों में न्यायालय मित्र के रूप में कार्य किया। इसके अलावा अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में आरोपित पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी की ओर से भी उन्होंने अदालत में पैरवी की थी।
वर्ष 2018 में धारा 377 को निरस्त करने से जुड़े ऐतिहासिक मामले में उन्होंने समलैंगिक समुदाय के अधिकारों की मजबूत पैरवी की थी। इस फैसले के बाद समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। हाल ही में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की ओर से दायर एक मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पक्ष भी रखा था, जिसकी सुनवाई के दौरान उनकी दलीलों की काफी चर्चा हुई थी।
मेनका गुरुस्वामी लंबे समय से समलैंगिक अधिकार आंदोलन से भी जुड़ी रही हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में सार्वजनिक रूप से अपनी जीवनसंगिनी अरुंधती काटजू के साथ संबंध की घोषणा की थी। अब उनकी राज्यसभा उम्मीदवारी को भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



