काबुल/इस्लामाबाद, 27 फरवरी 2026।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले करीब 48 घंटों से दोनों देशों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी, जो अब भारी हथियारों के इस्तेमाल तक पहुंच गई है।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नागरिकों की मौत का जवाब देने के लिए अफगान सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और चौकियों पर हमला किया है। उनके अनुसार अफगान बल मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, टैंक, तोप और मोर्टार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
तालिबान प्रवक्ता ने दावा किया कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमा क्षेत्रों में हमले किए गए, जिनमें पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है।
नंगरहार सीमा के पास दो, गोश्ता इलाके के पास तीन और कुनार सीमा क्षेत्र में दो चौकियों पर अफगान बलों की मौजूदगी का दावा किया गया है। साथ ही कई पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की भी बात कही गई है। हालांकि पाकिस्तान की तरफ से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
इस विवाद की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी, जब पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन क्षेत्रों में हवाई हमले किए थे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इन हमलों में एक ही परिवार के 16 नागरिकों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान ने इसे आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया था, जबकि तालिबान प्रशासन ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
सीमा पर बढ़ते सैन्य टकराव से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दोनों देशों पर पहले भी सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष आगे और भी व्यापक रूप ले सकता है।


