28 फ़रवरी, जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) संस्थान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन आर्यभट्ट सभागार में हुआ। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक सोच ही आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, शोध और सृजनात्मक चिंतन को जीवन में अपनाने की अपील की।
कुलपति ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को तार्किक और प्रयोगधर्मी दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने सरकार द्वारा स्टार्टअप, इनक्यूबेशन और शोध को दिए जा रहे प्रोत्साहन की भी सराहना की।
मुख्य वक्ता बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के प्रो. बाल चन्द्र यादव ने नैनोसाइंस सहित आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जहां नवाचार और अनुसंधान की अहम भूमिका है।
विशिष्ट वक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. मृत्युंजय पांडे ने नैतिक और गुणवत्तापूर्ण शोध पर जोर देते हुए युवाओं को समर्पण और मौलिकता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में क्विज, निबंध, पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।




