काठमांडू, 21 फरवरी 2026
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के अध्यक्ष चन्द्रप्रसाद ढकाल ने नेपाल–भारत आर्थिक सहयोग को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘द्वितीय इंडो–नेपाल व्यापार महोत्सव 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सरल कस्टम प्रक्रिया, मानकों का समन्वय, डिजिटल व्यापार प्रणाली को मजबूत करने तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों को वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत है।
ढकाल ने कहा कि भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और प्रमुख निवेश स्रोत है। उन्होंने बताया कि खुली सीमा, सांस्कृतिक समानता और जनस्तरीय संबंधों ने दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत बनाया है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और आपूर्ति शृंखला में बाधाओं का उल्लेख करते हुए पड़ोसी देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के केंद्रीय बजट में अवसंरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी, हरित ऊर्जा और लघु एवं मध्यम उद्योगों को दी गई प्राथमिकता नेपाल के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
अध्यक्ष ढकाल ने बताया कि नेपाल जलविद्युत संसाधनों में समृद्ध है और भारत को बिजली निर्यात शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि बेहतर ट्रांसमिशन लाइन और नीतिगत स्थिरता से नेपाल भारत का भरोसेमंद हरित ऊर्जा साझेदार बन सकता है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक और आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए होटल, रिसॉर्ट और केबल कार परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि नेपाल में ऊर्जा, पर्यटन, औद्योगिक क्षेत्र, विशेष आर्थिक क्षेत्र, सीमा पार लॉजिस्टिक्स, कृषि प्रसंस्करण, औषधि उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े अवसर मौजूद हैं और भारतीय निवेशकों से इन क्षेत्रों में निवेश का आग्रह किया।
ढकाल ने कहा कि नेपाल का निजी क्षेत्र हमेशा राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक अनुशासन के पक्ष में रहा है। उन्होंने बताया कि निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए नेपाल में नीतिगत सुधार जारी हैं। उन्होंने इंडो–नेपाल व्यापार महोत्सव को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि व्यावसाdisयिक साझेदारी को मजबूत करने का मंच बताया और भारतीय उद्योगपतियों से हरित ऊर्जा, डिजिटल सेवाओं, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।



