लखनऊ, 25 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश को भविष्य की आर्थिक शक्ति बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन निवेश संवाद की शुरुआत की। टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जापान की प्रमुख वैश्विक ट्रेडिंग एवं निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड के प्रबंधन से मुलाकात कर प्रदेश में बड़े निवेश अवसरों पर चर्चा की और कंपनी को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को सामने रखा। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल रहीं। इसके अलावा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेवाएं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर भी चर्चा हुई। तीसरे क्षेत्र सेमीकंडक्टर उद्योग पर केंद्रित रहा, जिसमें चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के विस्तार पर जोर दिया गया। चौथे क्षेत्र में डेटा सेंटर को शामिल किया गया, जहां हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने मित्सुई प्रबंधन को दीर्घकालिक साझेदारी का प्रस्ताव देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है और बेहतर कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस और समयबद्ध स्वीकृति व्यवस्था का भी उल्लेख किया।



