पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर लगाए गए दो साल के प्रतिबंध को रद्द कर दिया। यह प्रतिबंध पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) ने बट पर फेडरेशन की आलोचना करने के आरोप में लगाया था, जिसे सरकार ने ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ करार दिया।
पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद जब टीम को लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा, तो बट ने फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर पीएचएफ के अध्यक्ष तारिक बुगती ने उन्हें प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा नियुक्त नए पीएचएफ अध्यक्ष मुहयुद्दीन अहमद वानी ने इस फैसले को पलटते हुए उसे असंवैधानिक बताया।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम को ठहरने के लिए दिए गए पांच सितारा होटल में समस्याएं आईं और खिलाड़ियों को एयरबीएनबी आवास में ठहरने पर मजबूर होना पड़ा। बट और अन्य खिलाड़ियों ने वापसी के बाद मीडिया से कहा कि वे मौजूदा प्रबंधन के साथ काम नहीं कर सकते।
बट ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को रसोई साफ करने और बर्तन धोने के लिए मजबूर किया गया और होटल में अग्रिम भुगतान न होने के कारण खिलाड़ियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल से अधिकतर खिलाड़ियों को दैनिक भत्ता नहीं मिला।
एफआईएच प्रो लीग में पाकिस्तान का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है, जहां टीम ने सभी आठ मैचों में हार का सामना किया और प्रतियोगिता के अंत में अंतिम स्थान पर है। अब पाकिस्तान को अगले चार महीने बाद मिस्र में होने वाले विश्व कप के अंतिम क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में भाग लेना है।



