जयपुर, 19 फरवरी।
राजस्थान विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गुरुवार को भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने छात्रों और उपस्थित गणमान्य नागरिकों को संबोधित किया।
राज्यपाल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज विश्व के अपराजेय योद्धा थे, जिन्होंने मुगल और आदिलशाही सल्तनत के खिलाफ अपनी सूझबूझ, साहस और गोरिल्ला युद्धनीति से अद्वितीय वीरता दिखाई। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर मातृभूमि की सेवा के लिए संकल्पित हों।
बागड़े ने बताया कि इतिहास लेखन में भारतीय दृष्टिकोण का पर्याप्त स्थान नहीं मिला, जिससे युवाओं तक वीर योद्धाओं की पूरी कहानी नहीं पहुँच पाई। उन्होंने शिवाजी महाराज के वंश, जन्मस्थान, पिता शाहजी और माता जीजाबाई के योगदान पर प्रकाश डाला। अफजल खान वध, कोंकण और पुणे के किलों पर विजय, तथा बीजापुर की सेना को परास्त करने जैसी घटनाओं को वीरता के प्रतीक के रूप में उल्लेख किया।
राज्यपाल ने राजस्थान की शौर्य परंपरा का स्मरण करते हुए बप्पा रावल और शेखावाटी अंचल के वीर सैनिकों का उदाहरण दिया और युवाओं से भारत के गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु आनंद राव भाले ने शिवाजी महाराज के जीवन, युद्ध कौशल और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा ने दिया। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



