नई दिल्ली, 17 फरवरी।
टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप-बी में मंगलवार दोपहर जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। जिम्बाब्वे जहां जीत दर्ज कर सुपर-8 में स्थान सुनिश्चित करने के इरादे से मैदान में उतरेगा, वहीं आयरलैंड के लिए यह मैच करो या मरो की स्थिति लेकर आया है।
अंकतालिका पर नजर डालें तो जिम्बाब्वे दो मैचों में दो जीत के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है। सह-मेजबान श्रीलंका ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहले ही सुपर-8 में पहुंच चुका है। ऐसे में ग्रुप की प्रतिस्पर्धा और रोचक हो गई है। आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अंक समान हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर ऑस्ट्रेलिया आगे है। आयरलैंड यदि यह मुकाबला जीतता है तो वह तीसरे स्थान पर पहुंचकर अपनी उम्मीदें जिंदा रख सकता है।
जिम्बाब्वे के लिए यह मैच ऐतिहासिक अवसर भी है। जीत की स्थिति में वह सुपर-8 में प्रवेश कर जाएगा और 2009 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप चरण से बाहर होने की संभावना बन सकती है। जिम्बाब्वे ने पिछले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया था, जबकि पहले मैच में ओमान को शिकस्त दी थी। हालांकि दोनों टीमों के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड संतुलित है, जहां दोनों ने आठ-आठ मैच जीते हैं।
कप्तान सिकंदर रजा ने टीम को सतर्क रहने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि पिछली जीत का महत्व तभी है, जब अगला कदम भी मजबूत हो। दूसरी ओर, आयरलैंड ने ओमान पर 96 रन की बड़ी जीत दर्ज कर आत्मविश्वास हासिल किया है। कप्तान लोर्कन टकर की 51 गेंदों में नाबाद 94 रन की पारी टीम के लिए प्रेरणादायक रही।
मुकाबला पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर तीन बजे खेला जाएगा। यहां की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जा रही है और पहले भी हाई-स्कोरिंग मैच देखे गए हैं। ऐसे में एक बार फिर रन वर्षा की उम्मीद है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्बाब्वे इतिहास रच पाएगा या आयरलैंड जीत के साथ सुपर-8 की दौड़ को और रोमांचक बना देगा।



