नई दिल्ली, 12 मार्च।
उच्चतम न्यायालय ने टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को जमानत दे दी है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने जमानत मंजूर की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से सवाल किया कि शब्बीर शाह के 1990 के भड़काऊ भाषणों को आधार बनाना क्यों उचित है। कोर्ट ने कहा कि ये भाषण 30-35 साल पुराने हैं और अब उन्हें भड़काऊ बताना संदिग्ध है।
एनआईए के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने शब्बीर शाह के भाषणों के ट्रांसक्रिप्ट और वीडियो पेश किए। जस्टिस विक्रम नाथ ने पूछा कि भाषण कब के हैं, लूथरा ने जवाब दिया कि 1990 के। कोर्ट ने कहा कि ये नया भाषण नहीं, बल्कि पुराना रिकॉर्ड है।
उच्चतम न्यायालय ने 4 सितंबर, 2025 को एनआईए को नोटिस जारी किया था। शब्बीर शाह के वकील कॉलिन गोंजाल्वेस ने कहा कि याचिकाकर्ता गंभीर रूप से बीमार हैं। चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है और जांच पूरी हो चुकी है। पहली पूरक चार्जशीट में शब्बीर शाह का नाम शामिल नहीं था। इस मामले में ट्रायल लंबा होने की संभावना है क्योंकि इसमें 400 गवाह हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12 जून, 2025 को शब्बीर शाह की जमानत याचिका खारिज की थी। फिलहाल शब्बीर शाह तिहाड़ जेल में दो मामलों में बंद हैं – एक टेरर फंडिंग और दूसरा मनी लांड्रिंग। मनी लांड्रिंग का केस 2005 का है और 2007 में दर्ज किया गया। शब्बीर शाह को 25 जुलाई, 2017 को ईडी ने गिरफ्तार किया था।



