नई दिल्ली, 10 मार्च।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के वकील दीपक खत्री पर हुई फायरिंग से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। खत्री ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की थी। मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।
याचिका में दीपक खत्री ने कहा कि 24 फरवरी की रात वे अपनी लीगल टीम के साथ कार से मंदिर से घर लौट रहे थे, तभी कश्मीरी गेट क्षेत्र के मरघट बाबा मंदिर के पास उन पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में उनके साथ मौजूद संदीप नामक युवक भी घायल हुआ, जिसे सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दीपक खत्री बाल-बाल बच गए।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रोहित सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया है। फायरिंग की जिम्मेदारी रोहित गोदारा और उनके गिरोह ने ली थी। लॉरेंस बिश्नोई पर पहले भी कई आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के आरोप हैं। एनआईए ने उन पर यूएपीए की धारा 17, 18, 18बी और 38 के तहत मामला दर्ज किया है और चार्जशीट दाखिल कर दी है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, बिश्नोई जब तिहाड़ जेल में था, उस समय उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, जिसका इस्तेमाल आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का सदस्य कर रहा था। बिश्नोई और उसके गिरोह के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट किया गया है। इसके अलावा, लॉरेंस बिश्नोई पंजाब के सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी आरोपी है।
बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को 19 नवंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। वह महाराष्ट्र के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का आरोपित है। अनमोल बिश्नोई ने अमेरिका में शरण लेने का प्रयास किया था, लेकिन उसकी मांग खारिज कर दी गई। उसके बाद उसे डिपोर्ट कर दिल्ली लाया गया और गिरफ्तार किया गया।


