काठमांडू, 14 मार्च 2026।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मिसाइल हमले और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में दो भारतीय और एक नेपाली सहित कुल 10 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस कार्रवाई को यूएई के महाधिवक्ता डॉ. हमाद सेफ अल शम्सी के आदेश पर अंजाम दिया गया और सभी आरोपितों को तत्काल कानूनी कार्रवाई के लिए अर्जेंट ट्रायल में भेजा गया।
गिरफ्तार किए गए 10 व्यक्तियों में दो भारतीय, एक नेपाली के अलावा मिस्र, फिलीपींस, वियतनाम, पाकिस्तान, ईरान, बांग्लादेश और मध्य अफ्रीकी देश कैमरून के एक-एक नागरिक शामिल हैं। यूएई के विदेश विभाग के मुताबिक जांच में पाया गया कि आरोपितों ने वास्तविक वीडियो के साथ-साथ एआई की मदद से नकली वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किए। इन वीडियो में मिसाइल हमले, भीषण आग और धुएँ जैसी घटनाएँ दिखाकर देश में बड़े सुरक्षा खतरे का भ्रम फैलाया गया।
कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का उपयोग कर डर और भय का माहौल बनाने का प्रयास किया गया, जबकि कुछ मामलों में विदेशों में हुई घटनाओं को यूएई की घटना बता कर अफवाहें फैलाई गईं। नेपाल के विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं तथा यूएई की रक्षा प्रणाली से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का रिसाव भी हो सकता है।
महाधिवक्ता डॉ. शम्सी के अनुसार, यदि आरोपितों पर जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने का अपराध साबित होता है तो उन्हें कम से कम एक वर्ष की जेल और न्यूनतम एक लाख दिरहम (लगभग 41 लाख नेपाली रुपये) का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। फिलहाल सभी आरोपितों से हिरासत में पूछताछ जारी है।



