काठमांडू, 16 मार्च 2026।
भैरहवा, बुटवल और लुंबिनी के व्यापारियों ने भैरहवा स्थित गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को तुरंत पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की मांग उठाई है। इस हवाईअड्डे का निर्माण कई समय पहले पूरा हो गया था, लेकिन अब तक इसे पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं किया जा सका है।
पर्यटन क्षेत्र में लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने से निवेशकों को जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटन व्यवसायी अमित गुप्ता ने कहा कि लुम्बिनी, देवदह, रामग्राम, तिलौराकोट और रोहिणी नदी के आसपास के क्षेत्र ऐतिहासिक, धार्मिक और बौद्ध सभ्यता से जुड़े महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के संचालन से इन क्षेत्रों के विकास में मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्रभावी पहल न होने से क्षेत्र का पर्यटन अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सका।
सिद्धार्थ उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष नेत्र प्रसाद आचार्य ने कहा कि नई बनने वाली सरकार से निजी क्षेत्र को पर्यटन प्रवर्द्धन और हवाईअड्डे के संचालन में प्रभावी भूमिका निभाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बौद्ध सभ्यता, इतिहास और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यदि गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पूर्ण रूप से संचालन में आता है, तो न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि समग्र आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा परिवर्तन आएगा।
नेपाल भन्सार एजेंट संघ भैरहवा के अध्यक्ष मधु प्रसाद पन्थी ने कहा कि रूपन्देही नेपाल का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां उत्पादित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और अनुकूल वातावरण तैयार करने पर नई सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भैरहवा औद्योगिक कॉरिडोर में उत्पादित वस्तुओं का निर्यात बढ़ाया जा सके तो उद्योग क्षेत्र और अधिक सशक्त बन सकता है।
उनके अनुसार यदि हवाईअड्डे का संचालन और सीमा नाकों का प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जाए, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के विस्तार में भी मदद मिलेगी। निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों का मानना है कि स्थिर सरकार बनने के बाद निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने, पर्यटन प्रवर्द्धन, उद्योग विस्तार और आधारभूत संरचना विकास में सरकार ठोस पहल करेगी। उनका विश्वास है कि गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के नियमित संचालन से लुम्बिनी क्षेत्र में पर्यटन विकास के साथ-साथ रूपन्देही के उद्योग-व्यापार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।



