काठमांडू, 05 मार्च 2026।
नेपाल में प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए गुरुवार सुबह देशभर में मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए मतदाता विभिन्न मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस चुनाव में कुल 65 राजनीतिक दल मैदान में हैं। 165 सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में कुल 3,406 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 3,017 पुरुष, 388 महिलाएं और अन्य श्रेणी का 1 उम्मीदवार शामिल है।
समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इस प्रणाली के अंतर्गत 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 1,363 पुरुष और 1,772 महिलाएं शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत 110 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस वर्ष देश में कुल 1,89,03,689 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 96,63,358 पुरुष, 92,40,131 महिलाएं और 200 अन्य मतदाता शामिल हैं, जबकि 1,86,142 अस्थायी मतदाता भी पंजीकृत किए गए हैं।
चुनाव की व्यवस्था के लिए पूरे देश में 10,967 मतदान स्थलों पर 23,112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 143 अस्थायी मतदान केंद्र भी शामिल हैं। मतदान को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके तहत 79,727 नेपाली सेना, 75,797 नेपाल पुलिस, 34,567 सशस्त्र पुलिस बल, 1,921 राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के कर्मचारी और 1,49,090 अस्थायी चुनाव पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा लगभग 2,15,000 चुनावकर्मी भी देशभर में तैनात किए गए हैं।
इन चुनावों के लिए प्रत्यक्ष और समानुपातिक दोनों प्रणालियों के तहत कुल 4,22,51,200 मतपत्र छापे गए हैं। मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए 4 अंतरराष्ट्रीय और 39 राष्ट्रीय संगठनों को अनुमति दी गई है। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से उत्साह के साथ मतदान में भाग लेने और अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।
कार्यवाहक मुख्य निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि आयोग संविधान के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन या सरकार के गठन की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक वैधता को नवीनीकृत करने की संवैधानिक प्रक्रिया भी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।
उन्होंने यह भी बताया कि मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतपेटियों को सुरक्षित तरीके से एकत्र किया जाएगा और प्रत्यक्ष प्रणाली के परिणाम 24 घंटे के भीतर जारी करने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि मतपेटियों की सुरक्षा से संबंधित सभी मौजूदा प्रावधान यथावत रहेंगे। साथ ही मतदाताओं के बढ़ते उत्साह को देखते हुए इस बार मतदान प्रतिशत अधिक रहने और अवैध मतों की संख्या कम होने की उम्मीद जताई गई है।



