जगदलपुर, 10 मार्च।
भविष्य में जल संकट की चुनौती को ध्यान में रखते हुए पानी बचाओ अभियान में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं गांव-गांव में जल संरक्षण और पानी के सही उपयोग को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत तीरथगढ़ और बकावंड विकासखंड अंतर्गत धोबीगुड़ा में महिला जल वाहिनी की सदस्य महिलाएं ग्रामीणों को जल के महत्व के बारे में समझा रही हैं और उन्हें जल संरक्षण और सदुपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे घर-घर जाकर यह बता रही हैं कि यदि आज पानी बचाने के प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य की पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। महिलाएं जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पेयजल व्यवस्था की निगरानी भी कर रही हैं। जल स्रोतों की सफाई, पाइपलाइन की स्थिति और जल की गुणवत्ता की जांच में उनकी सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
तीरथगढ़ महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष सुषमा ठाकुर ने बताया कि महिलाएं लोगों को दैनिक जीवन में पानी का सोच-समझकर उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। छोटी-छोटी सावधानियां जैसे अनावश्यक पानी का बहाव रोकना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल स्रोतों की सुरक्षा भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं। धोबीगुड़ा महिला जल वाहिनी की अध्यक्ष चंद्रप्रभा सेठिया बताती हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से पानी बचाओ अभियान को नई मजबूती मिली है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की प्रचार-प्रसार समन्वयक ज्योत्सना सूना कहती हैं कि यह पहल न केवल जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।



