इस्लामाबाद, 27 फरवरी 2026।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा सीमा विवाद अब बड़े सैन्य संघर्ष में बदल गया है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ खुले युद्ध की घोषणा करते हुए काबुल और कंधार में बमबारी की है।
इससे पहले अफगानिस्तान ने पलटवार करते हुए सीमा क्षेत्र में हमले तेज कर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और कई चौकियों पर कब्जा करने का दावा किया है। दोनों देशों की ओर से लगातार बमबारी जारी है।
पाकिस्तान की तरफ से पिछले सप्ताह किए गए हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने गुरुवार देर रात जवाबी कार्रवाई की और दावा किया कि उसने डूरंड लाइन पर करीब 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और कई चौकियों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू करते हुए शुक्रवार तड़के काबुल, कंधार और पक्तिया में तालिबान के रक्षा ठिकानों पर बमबारी की। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अब पाकिस्तान का धैर्य समाप्त हो चुका है और यह कार्रवाई जरूरी थी।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी सेना ने हवाई हमले किए हैं, लेकिन किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अफगान लोग एकजुट होकर अपनी मातृभूमि की रक्षा करेंगे और आक्रामकता का जवाब देंगे। उन्होंने पाकिस्तान से अपनी नीति बदलकर अफगानिस्तान के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध बनाने की अपील की।
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेना प्रमुख के आदेश पर डूरंड रेखा के पास पाकिस्तानी चौकियों पर जवाबी कार्रवाई गुरुवार रात 12 बजे समाप्त हुई। इस अभियान में 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है। अफगान बलों ने कई हथियार और शव भी जब्त किए तथा कई सैनिकों को पकड़ लिया। इस अभियान में अफगान बलों के 8 सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए। वहीं तोरखम शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 13 लोग घायल हुए।
पिछले सप्ताह पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में अफगान सरकार के अनुसार महिलाओं और बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पाकिस्तान ने इसे आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया था और कहा था कि यह हमला पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमलों के बाद किया गया था।



