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13 Mar, 2026

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का शुभारंभ, संघ ने बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की

संघ की तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा का हरियाणा में उद्घाटन हुआ, जिसमें सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की।

नई दिल्ली, 13 मार्च 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आज हरियाणा के समालखा में विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह का शुभारंभ सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर सरकार्यवाह की ओर से वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया। प्रतिनिधि सभा में संघ ने बांग्लादेश सरकार से एक बार फिर आग्रह किया कि वहां के हिंदुओं के अधिकारों और सुरक्षा का सुनिश्चित संरक्षण किया जाए।

प्रारंभिक सत्रों में दिवंगत संघ नेताओं और अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार के सुधार प्रयासों और मणिपुर में संघ के योगदान के सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया गया। प्रतिनिधि सभा के दौरान बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पुनः अनुरोध किया गया।

प्रतिनिधि सभा के आरंभ के बाद सह सरकार्यवाह सी आर मुकुंद ने अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के साथ पत्रकार वार्ता में संघ की गतिविधियों और उपलब्धियों का विवरण साझा किया। सी आर मुकुंद ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में किए गए प्रयासों से 4000 स्थानों पर 5000 से अधिक शाखाओं की वृद्धि हुई है। गृह संपर्क अभियान के तहत संघ के कार्यकर्ता 10 करोड़ परिवारों तक पहुंचे और तीन लाख से अधिक गांवों में सक्रिय रहे।

केरल का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां संघ के कार्यकर्ता साम्यवादी विचारधारा, मुस्लिम और क्रिश्चियन परिवारों से भी मिले। अकेले केरल में 55,000 से अधिक मुस्लिम और 54,000 से अधिक क्रिश्चियन परिवारों तक संघ कार्यकर्ताओं ने समाज और संघ से जुड़े विषय पहुंचाए।

उन्होंने यह भी कहा कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 36,000 से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। इस दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश के चार महानगरों में व्याख्यान माला आयोजित की, जिसमें उन्होंने 20 घंटे में 1000 से अधिक प्रश्नों के उत्तर दिए।

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पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

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