पटना, 11 फरवरी।
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के सातवें दिन विधानसभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में स्वीकृत आवासों के लिए केंद्र से राशि नहीं मिलने का मुद्दा गूंजा। सदन में इस कारण आवास निर्माण कार्य प्रभावित होने की बात उठाई गई।
गोह विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक अमरेंद्र कुमार ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में लगभग डेढ़ माह शेष है, लेकिन राशि के अभाव में करीब 12 लाख आवास अधूरे पड़े हैं। उन्होंने मंत्री से पूछा कि राज्य सरकार ने केंद्र से कितनी राशि की मांग की और अब तक कितनी राशि प्राप्त हुई है।
इस पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार से राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से 12 लाख 19,615 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 11 लाख 35,835 लाभुकों को प्रथम किस्त की राशि दी जा चुकी है। मंत्री ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से पहले केंद्र से राशि जारी करने का आग्रह किया गया है।
इसी दौरान सासाराम की विधायक स्नेह लता ने जीविका दीदियों को सुरक्षा और पहचान के लिए आई कार्ड उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि उन्हें पर्याप्त अधिकार दिए गए हैं और इस संबंध में दोबारा दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।



