नई दिल्ली, 11 फरवरी।
भारतीय जनता पार्टी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि को समर्पण दिवस के रूप में मनाते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय उपवन में स्मृति सभा आयोजित की। साथ ही दिल्ली के सभी 14 जिला कार्यालयों में भी कार्यक्रम हुए।
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि आज पार्टी विश्व का सबसे बड़ा संगठन बन चुकी है, लेकिन इसके पीछे के संघर्षों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जनसंघ की मजबूत नींव रखने वाला व्यक्तित्व बताया और कहा कि स्वतंत्रता के बाद जब पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवाद पर चर्चा हो रही थी, तब एकात्म मानववाद का विचार देश को नई दिशा देने वाला बना।
उन्होंने बताया कि 1952 से 1968 तक जनसंघ का राष्ट्रीय ढांचा तैयार हुआ और 1964 तक वह कांग्रेस के विकल्प के रूप में स्थापित हो गया।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। उनका एकात्म मानववाद आज भी प्रासंगिक है, जिसमें समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति के संतुलित विकास की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीब कल्याण, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाएं उनके विचारों की आधुनिक अभिव्यक्ति हैं।
स्मृति सभा में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी, योगेन्द्र चांदोलिया, आदेश गुप्ता, विष्णु मित्तल सहित कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे।



