नई दिल्ली, 16 मार्च।
एग्रोकेमिकल क्षेत्र में कार्यरत कंपनी जीएसपी क्रॉप साइंस ने 400 करोड़ रुपये का अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए खोल दिया है। इस आईपीओ में निवेशक 18 मार्च तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू बंद होने के बाद 20 मार्च को शेयरों का आवंटन किया जाएगा, जबकि 23 मार्च को आवंटित शेयर निवेशकों के डीमैट खातों में जमा कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की संभावित सूचीबद्धता 24 मार्च को बंबई शेयर बाजार और राष्ट्रीय शेयर बाजार पर हो सकती है।
इस आईपीओ के लिए प्रति शेयर 304 रुपये से 320 रुपये का मूल्य दायरा निर्धारित किया गया है और एक लॉट में 46 शेयर रखे गए हैं। खुदरा निवेशक न्यूनतम एक लॉट यानी 46 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,720 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं खुदरा निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 598 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए लगभग 1,91,360 रुपये का निवेश करना पड़ेगा। इस सार्वजनिक निर्गम के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 1.25 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें से 240 करोड़ रुपये के 75 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 160 करोड़ रुपये के 50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचे जाएंगे।
इस इश्यू में योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रखा गया है। इसके अतिरिक्त खुदरा निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत और गैर संस्थागत निवेशकों के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। इस आईपीओ के लिए इक्विरस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास जमा कराए गए मसौदा रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में बताया गया है कि कंपनी की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 17.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 55.54 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2024-25 में उछलकर 81.42 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के बीच कंपनी को 81.07 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ मिल चुका है।
राजस्व के मामले में इस अवधि में कंपनी की आय में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1,206.05 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में यह घटकर 1,158.23 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,301.06 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के दौरान कंपनी को 847.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
कंपनी पर कर्ज का बोझ भी इस अवधि में बदलता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 324.26 करोड़ रुपये का कर्ज था। वित्त वर्ष 2023-24 में यह घटकर 235.44 करोड़ रुपये रह गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह फिर बढ़कर 296.60 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत यानी 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर कुल कर्ज 321.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 336 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 344.46 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 में यह 411.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 490.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
ईबीआईटीडीए के आंकड़ों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 81.28 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 130.41 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 164.03 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 138.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।



