लखनऊ, 11 मार्च।
भौतिकी में संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुलाकात में लोहम कंपनी के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टाफ आयुष सबात भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रदेश में भारत की पहली “रेयर अर्थ टू मैग्नेट” इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर विस्तार से बातचीत की। इस फैसिलिटी के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोवोसेलोव और लोहम कंपनी के अधिकारियों का प्रदेश में स्वागत किया। तीनों अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल की सराहना की और एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च व इंजीनियरिंग के हब के रूप में प्रदेश की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
नोबेल विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, जो ग्रैफीन की खोज के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है।
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो क्षेत्रों पर है। पहला, टूडी मटेरियल जैसे ग्रैफीन का उपयोग कर अगली पीढ़ी की लिथियम-आयन बैटरियों की क्षमता, सुरक्षा और लाइफ बढ़ाना। दूसरा, बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट का उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना। यह सहयोग भारत के “मेक इन इंडिया” और ग्रीन एनर्जी विजन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



