फीचर
10 Mar, 2026

परीक्षा तनाव, निजी संस्थानों की भूमिका और काउंसलिंग की आवश्यकता

बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों और अभिभावकों पर बढ़ता दबाव मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक तनाव को बढ़ाता है। निःशुल्क परामर्श केंद्र और जागरूकता जरूरी।

भारत में बोर्ड परीक्षाओं का समय आते ही घर-घर में तनाव का माहौल बन जाता है। छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, वहीं अभिभावक बच्चों के परिणाम को लेकर असमंजस और दबाव महसूस करते हैं। विशेष रूप से सीबीएसई और अन्य बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यह तनाव कई गुना बढ़ जाता है। यह स्थिति केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। कई मामलों में परीक्षा और परिणाम के दबाव के कारण छात्र अवसाद में चले जाते हैं और कुछ दुखद घटनाएँ भी सामने आती हैं।
इस पूरे वातावरण का लाभ निजी कोचिंग संस्थान और शैक्षणिक मार्गदर्शन देने वाले निजी संगठन उठाते हैं। वे परीक्षा के डर और प्रतिस्पर्धा को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते हैं, जिससे अभिभावक और छात्र महंगे पाठ्यक्रम, कोचिंग और परामर्श सेवाओं की ओर आकर्षित हो जाते हैं। यह स्थिति एक प्रकार का शैक्षणिक बाजार बना देती है, जहाँ चिंता और असुरक्षा को भी अवसर के रूप में देखा जाता है।
वास्तव में परीक्षा जीवन का केवल एक चरण है, लेकिन हमारे समाज में इसे जीवन-मरण का प्रश्न बना दिया गया है। परिणामस्वरूप बच्चों पर अत्यधिक अपेक्षाओं का बोझ पड़ता है। अभिभावकों की अनजाने में बढ़ती अपेक्षाएँ, समाज में अंकों पर आधारित सफलता की परिभाषा और सीमित करियर विकल्पों की समझ इस तनाव को और बढ़ा देती है।
ऐसी स्थिति में सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। स्कूलों और जिला स्तर पर निःशुल्क परामर्श केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए, जहाँ प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक और करियर विशेषज्ञ बच्चों तथा अभिभावकों को सही मार्गदर्शन दे सकें। इन केंद्रों के माध्यम से छात्रों को यह समझाया जा सकता है कि परीक्षा केवल ज्ञान का आकलन है, जीवन की अंतिम कसौटी नहीं है। साथ ही करियर के विविध विकल्पों की जानकारी देकर अनावश्यक दबाव को कम किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थानों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अभिभावकों को बच्चों की क्षमता और रुचि को समझते हुए सहयोगी वातावरण देना चाहिए। स्कूलों को भी पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
अंततः यह स्पष्ट है कि परीक्षा का तनाव केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती है। यदि सरकार, समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर प्रयास करें, तो बच्चों को तनावमुक्त वातावरण प्रदान किया जा सकता है और भविष्य की पीढ़ी को अवसाद व निराशा से बचाया जा सकता है।
|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

मैक्रों ने बढ़ाई नौसैनिक तैनाती, ईरान प्रभावित देशों की सुरक्षा करेगा फ्रांस

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पूर्वी भूमध्यसागर और लाल सागर में नौसैनिक तैनाती बढ़ाकर ईरान के हमलों से प्रभावित देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का ऐलान किया।

ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट बंद करने पर कर सकता है कड़ा हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट बंद करता है तो अमेरिका अत्यधिक शक्तिशाली कार्रवाई करेगा और वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान की स्थिति पर जताई चिंता, पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों पर चिंता जताते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा और आतंकवाद रोकने की अपील की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने सांसदों को दी विशेष मेजबानी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में कई राज्यों के सांसदों के साथ संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का कार्यक्रम आयोजित किया।

तुर्किये ने उत्तरी साइप्रस में तैनात किए छह एफ-16 विमान

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के बीच तुर्किये ने उत्तरी साइप्रस में छह एफ-16 लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणाली तैनात कर इलाके की सुरक्षा मज़बूत की है।