भोपाल, 17 फरवरी।
मध्य प्रदेश में मंगलवार से दस्तक अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। यह अभियान 19 मार्च 2026 तक चलेगा और 88 लाख से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान का उद्देश्य 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों में विटामिन-ए की कमी रोकना, बाल मृत्यु दर और रतौंधी में कमी लाना, एनिमिया फालोअप सुदृढ़ करना और पहले चरण में छुटे बच्चों की पहचान करना है। इस दो महीने तक चलने वाले चरण में बच्चों को विटामिन-ए दिया जाएगा और पहले चरण में एनिमिक पाए गए बच्चों का फालोअप किया जाएगा।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि अभियान के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए मजबूत रणनीति जरूरी है। इसके लिए आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम के माध्यम से जिले में बच्चों तक पहुंचना होगा, खासकर हाई-रिस्क एरिया, अर्बन स्लम, पहुँचविहीन क्षेत्र, खानाबदोश और बंजारा आबादी, ईट भट्टे और निर्माणाधीन भवनों पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इंदौर में करीब 04 लाख बच्चों को विटामिन-ए की दवा दी जाएगी और लगभग 1.5 लाख बच्चों का एनिमिया परीक्षण होगा। लगभग 2,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ता टीकाकरण सत्रों के माध्यम से अभियान संचालित करेंगे। छुटे हुए बच्चों को अगले दिन सेवाएं दी जाएंगी।
भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग की टीमें जिले के तीन लाख बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर विटामिन-ए अवश्य पिलाएं, क्योंकि यह उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है।



