जयपुर, 27 फरवरी।
अशोक गहलोत ने सिलिकोसिस बीमारी को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह लाइलाज और घातक रोग है, जिससे प्रदेश के हजारों खदान और निर्माण श्रमिक प्रभावित हैं, लेकिन मौजूदा सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2013 में सिलिकोसिस पीड़ितों को चार लाख रुपये की सहायता देने की योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2019 में देश की पहली सिलिकोसिस नीति लागू कर सहायता राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये की गई, जिसमें बीमारी के दौरान तीन लाख और मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये देने का प्रावधान था। इसके साथ ही निशुल्क उपचार और 1500 रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था भी की गई थी।
उन्होंने दावा किया कि 2019 से 2023 के बीच लगभग 35 हजार मरीजों को 911 करोड़ रुपये से अधिक की प्रत्यक्ष सहायता दी गई।
गहलोत ने वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार पर आरोप लगाया कि नए सिलिकोसिस कार्ड जारी नहीं किए जा रहे हैं और कई पुराने कार्ड बिना वजह निरस्त कर दिए गए हैं, जिससे मजदूरों को आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही। उन्होंने लंबित कार्ड जारी करने, निरस्त कार्ड बहाल करने और सहायता राशि बढ़ाने की मांग की। साथ ही उद्योगों पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता भी जताई, ताकि बीमारी के प्रसार पर रोक लगाई जा सके।



