श्रीगंगानगर, 24 फरवरी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल का सोमवार रात निधन हो गया। 94 वर्षीय बेनीवाल ने श्रीगंगानगर के टांटिया अस्पताल में रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
परिजनों के मुताबिक हीमोग्लोबिन की कमी के कारण उन्हें तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद उन्हें गंभीर निमोनिया हो गया, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार शाम पैतृक गांव आठ एलएनपी में किया जाएगा।
16 अक्टूबर 1932 को जन्मे बेनीवाल का राजनीतिक जीवन छह दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहा। उन्होंने वामपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर 1967 में माकपा के टिकट पर संगरिया विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव लड़ा। 1977 में टिकट नहीं मिलने के बावजूद वे जनसंघर्षों से जुड़े रहे। वर्ष 1990-91 में वे संगरिया से विधायक चुने गए, लेकिन विधानसभा भंग होने से उनका कार्यकाल करीब ढाई वर्ष ही रहा। बाद में सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद उन्होंने 2004 में अंतिम बार चुनाव लड़ा और सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।
हेतराम बेनीवाल को किसान और मजदूर आंदोलनों का रणनीतिकार माना जाता था। उन्होंने राजस्थान कैनाल जमीन आवंटन आंदोलन, घड़साना किसान आंदोलन, जेसीटी मिल मजदूर आंदोलन और भाखड़ा तथा गंगनहर से जुड़े कई आंदोलनों का नेतृत्व किया। आपातकाल के दौरान भी उन्हें जेल जाना पड़ा और यातनाएं सहनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने अपने विचारों से समझौता नहीं किया।
उनकी पत्नी चंद्रावली देवी का पिछले वर्ष निधन हो चुका है। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं।



