कोलकाता, 27 फरवरी 2026।
दिल्ली की एक अदालत द्वारा आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आरोपों से मुक्त किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद सकेत गोखले ने कहा कि यह मामला राजनीतिक साजिश से प्रेरित था और विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से इसे आगे बढ़ाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया, जो अब अदालत के फैसले से स्पष्ट हो गया है।
लोकसभा में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने भी फैसले का स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल को बधाई दी। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे राजनीति का माहौल प्रभावित होता है।
तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से यह आरोप लगाती रही है कि चुनावी समय में भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों पर दबाव बनाने की कोशिश करती है। पार्टी नेताओं का मानना है कि अदालत का फैसला इस विवाद पर एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।



