नई दिल्ली, 13 मार्च।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने देश में लापता व्यक्तियों और मानव तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्य सचिवों और डीजीपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने बताया कि 9 मार्च 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों में मानव तस्करी के अधिकतम मामले ओडिशा, बिहार, तेलंगाना और महाराष्ट्र में दर्ज हैं। किशोर तस्करी के मामले में ओडिशा सबसे आगे है, उसके बाद बिहार का स्थान है, जबकि राजस्थान में किशोरियों की तस्करी के मामले सबसे अधिक दर्ज हुए हैं। संदेह है कि इन बच्चों को भीख मांगने, बाल श्रम, वेश्यावृत्ति और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल किया जाता है।
बिहार में 2013 से हर साल दर्ज 12-14 हजार लापता व्यक्तियों के मामलों में से केवल दो-तिहाई को ही बचाया जा सका है। इनमें अधिकांश बच्चे हैं। आयोग ने नोटिस में इन राज्यों में लापता व्यक्तियों की स्थिति के नवीनतम आंकड़े उपलब्ध कराने और बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
आयोग की यह कार्रवाई प्रशासन के लापरवाह रवैये के खिलाफ चेतावनी भी है और राज्यों को मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी याद दिलाती है।



