बांदा, 11 मार्च।
उत्तर प्रदेश के बांदा शहर में बुधवार सुबह आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीमों ने कई बड़े कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
उप आयकर निदेशक ऋषिराज सिंह के नेतृत्व में आईटी और ईडी की टीमों ने सुबह लगभग 8 बजे बांदा पहुंचकर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी। टीमों ने प्रतिष्ठानों और आवासों में मौजूद दस्तावेजों, खातों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी। इस कार्रवाई से शहर के मौरंग और अन्य कारोबारियों में हलचल मच गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संबंधित स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए किसी भी व्यक्ति के अंदर आने या बाहर जाने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
जांच में शामिल प्रमुख कारोबारियों और ठेकेदारों में बिजली विभाग के ठेकेदार हिम्मत सिंह, अवनी परिधि अस्पताल के संचालक अज्ञात गुप्ता, मौरंग व्यवसायी सीरज ध्वज सिंह और शिवशरण सिंह, पेट्रोल पंप व्यवसायी भाजपा नेता दिलीप सिंह और भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक दलजीत सिंह शामिल हैं। सभी के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जांच टीमें मौजूद हैं और विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
बताया गया है कि दलजीत सिंह कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा में हैं। सीरज ध्वज सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट से बांदा सदर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, दिलीप सिंह बहुजन समाज पार्टी से हमीरपुर लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा से जुड़े हैं। ज्यादातर मामले मौरंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के हैं।



