काठमांडू, 25 फरवरी 2026
सुरक्षा परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों, अवैध आवागमन और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अध्यक्षता में सिंहदरबार में हुई बैठक में 2 मार्च की रात 12 बजे से 5 मार्च की शाम 7 बजे तक भारत और चीन से जुड़ी सभी सीमाओं को पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री और सभी सुरक्षा बलों के प्रमुख भी मौजूद रहे। इस दौरान अवैध गतिविधियों, धन और आपत्तिजनक वस्तुओं की तस्करी रोकने पर विशेष जोर दिया गया।
गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने बताया कि सीमा बंद रहने के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही, छोटे व्यापारिक आवागमन और निजी वाहनों का प्रवेश-निकास प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, कूटनीतिक मिशन और विशेष अनुमति वाले आपात मामलों में समन्वय के बाद अनुमति दी जा सकती है।
निर्वाचन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
निर्वाचन आयोग नेपाल ने कहा कि यह निर्णय चुनाव की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लिया गया है। आयोग के अनुसार खुली सीमा के कारण बाहरी प्रभाव की आशंका को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा व्यवस्था लंबे समय से प्रचलित है, जिससे नागरिकों का आवागमन आसान रहता है। प्रशासन ने नागरिकों से सीमा बंदी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।



