नई दिल्ली, 13 फरवरी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित के माध्यम से ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ की जानकारी साझा की। उन्होंने भगवान सूर्य की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूर्य देव हमारे जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज शुरू हुई यह योजना सूर्य की प्रेरणा से रोशन है और देशवासियों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सुभाषित साझा किया,
“चरन् वै मधु विन्दति, चरन् स्वादुमुम्बरम्।
सूर्यस्य पश्य श्रेमाणं, यो न तन्द्रयते चरन् चरैवेति॥”
इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर कर्म करने वाला व्यक्ति ही जीवन में मधुर फल प्राप्त करता है, जैसे लगातार चलने वाला मधु पाता है। सूर्य के उदाहरण से उन्होंने बताया कि सूर्य कभी थकता नहीं और लगातार गतिशील रहते हुए जगत को प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ का उद्देश्य देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और आम नागरिकों को स्वच्छ तथा किफायती बिजली उपलब्ध कराना है, जिसे उन्होंने आत्मनिर्भर और हरित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।



