किंशासा (कांगो), 10 फ़रवरी।
आतंकवादी समूह दाएश (आईएसआईएस का अरबी नाम) समर्थित विद्रोहियों ने पूर्वी कांगो के एक गांव पर सप्ताहांत में हमला कर कम से कम 20 लोगों की हत्या कर दी। यह जानकारी सैन्य प्रशासक कर्नल एलेन किवेवा मिटेला ने दी।
अरब न्यूज के अनुसार, सैन्य प्रशासक मिटेला ने बताया कि यह हमला शनिवार तड़के उत्तरी किवु प्रांत के लुबेरो इलाके के माम्बिम्बी-इसिगो गांव में हुआ। उन्होंने कहा कि हमले से बड़े पैमाने पर लोग विस्थापित हुए हैं। हमले में एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) और रवांडा समर्थित एम 23 (मार्च 23 मूवमेंट) के विद्रोही शामिल हो सकते हैं।
इस हमले पर अभी तक एडीएफ की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इलाके के सिविल सोसाइटी कार्यकर्ताओं के अनुसार, विद्रोहियों ने पहले कई किसानों के खेतों पर दबिश दी और फिर चाकू व अन्य हथियारों से नागरिकों पर हमला किया। बापेरे में सिविल सोसाइटी प्रमुख किनोज किटवा ने कहा, "यह आंकड़ा शुरुआती है, क्योंकि कई नागरिक अभी भी लापता हैं।" उन्होंने इलाके में कांगो सेना की कम मौजूदगी की आलोचना भी की।
पहले भी एडीएफ और एम 23 विद्रोहियों सहित कई सशस्त्र समूह पूर्वी कांगो में घातक हमले कर चुके हैं। एडीएफ ने 2019 में दाएश के प्रति वफादारी की कसम खाई थी। ये विद्रोही युगांडा की सीमा के पास सक्रिय हैं और अकसर नागरिकों को निशाना बनाते हैं। उत्तरी किवु प्रांत सिविल सोसाइटी समन्वय के अनुसार, साल की शुरुआत से बेनी और लुबेरो में एडीएफ विद्रोहियों ने कम से कम 62 नागरिकों को मार डाला है।
संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना प्रमुख जीन-पियरे लैक्रोइक्स ने सोमवार को पूर्वी कांगो और बेनी का दो दिवसीय आधिकारिक दौरा शुरू किया है। यह क्षेत्र एडीएफ के हमलों से खास तौर पर प्रभावित है।
एडीएफ का गठन 1990 के दशक के अंत में युगांडा में राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से असंतोष के बाद अलग-अलग छोटे समूहों द्वारा किया गया था। 2002 में युगांडा के सैन्य हमलों के बाद यह समूह पड़ोसी कांगो चला गया। इसे हजारों नागरिकों की हत्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है। जुलाई 2025 में समूह ने कम से कम 100 लोगों की हत्या की थी।



