जोधपुर, 17 फरवरी।
साध्वी प्रेम बाईसा के मृत्यु प्रकरण में मेडिकल बोर्ड से जवाब मिलने के बाद पुलिस ने देर रात कंपाउंडर के खिलाफ केस दर्ज किया है, हालांकि गिरफ्तारी जांच के बाद ही की जाएगी।
कथा वाचक प्रेम बाईसा की मौत अस्थमा और कार्डियक अरेस्ट से हुई थी। पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट पर संशय था, जिसके चलते कुछ सवालों के जवाब बोर्ड से मांगे गए थे। बोर्ड की रिपोर्ट एसआईटी को सोमवार को मिली और इसे उच्चाधिकारियों को सौंपा गया। देर रात उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बोरानाडा थाने में कंपाउंडर के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बंसल ने बताया कि केस दर्ज किया गया है, लेकिन गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। जांच और अग्रिम अनुसंधान के बाद गिरफ्तारी की जा सकती है। इस मामले में एसआईटी अपनी जांच जारी रखे हुए है।
केस दर्ज होने के बाद से ही नर्सेज का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। वे मामले के खिलाफ खड़े हैं और दोपहर बाद बड़े निर्णय की संभावना है। नर्सेज ने केस दर्ज को पूर्णतया गलत बताया है।
जांच में पता चला कि साध्वी प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन डायनापार और डेक्सोना एक साथ लगाए गए थे, जो गलत था। इंजेक्शन लगाने के महज बीस मिनट बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में डॉक्टर्स से इंजेक्शन को लेकर फिर से राय भी ली थी।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला अध्यक्ष शंभू सिंह मेड़तिया ने कहा कि यह कार्रवाई आम कर्मचारियों के मनोबल को तोड़ने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह गलत है और महासंघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है, और कार्रवाई स्थगित न होने पर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।



