धर्मशाला, 11 फरवरी।
भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय कार्य परिषद सदस्य त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस छलपूर्वक सत्ता में नहीं आती, तो हिमाचल प्रदेश को आज आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि झूठ के आधार पर बनी सुक्खू सरकार अनुभवहीनता, कुप्रबंधन और अंदरूनी मतभेदों के चलते अस्थिर स्थिति में है।
कपूर ने कहा कि छोटे से हिमाचल में मुख्यमंत्री के लिए आधा दर्जन सलाहकार नियुक्त किए गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में केवल दो सलाहकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने में लगी है, जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लंबित एरियर, डीए की किस्तों और ‘हिमकेयर’ जैसी योजनाओं पर खर्च होने वाले संसाधनों को उत्सवों और रैलियों पर खर्च किया गया। उनके अनुसार, मंडी और धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रमों पर लगभग 70 करोड़ रुपये व्यय हुए।
कपूर ने यह भी आरोप लगाया कि लीज पर लिए गए हेलीकॉप्टर पर प्रति माह करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और 36 महीनों में संचालन सहित यह राशि 60 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। मंत्रियों की सुरक्षा के लिए लग्जरी वाहनों की खरीद पर भी लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
उन्होंने कहा कि 15 से अधिक चेयरमैन और ओएसडी की नियुक्तियों पर वेतन-भत्तों सहित 25 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय हुआ। साथ ही अक्टूबर 2025 में विधायकों और मंत्रियों के वेतन-भत्तों में 24 प्रतिशत वृद्धि से करीब 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा। विज्ञापन वितरण में पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्होंने इसे राजनीतिक तुष्टिकरण करार दिया।



