जयपुर, 19 फ़रवरी।
श्रीगंगानगर क्षेत्र में बढ़ती श्वान समस्या को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सभी संबंधित पक्षों ने समस्या के समाधान के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जिला कलेक्टर ने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी और अन्य गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन, आमजन और पशु प्रेमी संस्थाओं की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में डॉग बाइट के मामलों में वृद्धि हुई है और इसे रोकने के लिए निरंतर और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
कलेक्टर ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कदम उठाने और श्वान समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया। नगरपरिषद और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने और सभी पक्षों से समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम (प्रशासन) सुभाष कुमार, नगरपरिषद आयुक्त रविन्द्र यादव, मंगत सेतिया, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण लीला, व्यापार मंडल से नरेश सेतिया, कालीचरण अग्रवाल और पशु प्रेमी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।



