वाशिंगटन/तेहरान, 02 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी मध्य कमान ने दावा किया है कि ईरान में दो दिनों के भीतर 1000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन हमलों में जहाज, पनडुब्बियां, मिसाइल साइट, संचार नेटवर्क और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाया गया। इस बीच इजरायल और लेबनान के हिज्बुल्लाह संगठन के बीच रॉकेट और ड्रोन हमलों का सिलसिला भी शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में बदले की कार्रवाई तेज हो गई और हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन से हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद इजरायल ने दक्षिणी बेरूत और लेबनान के अन्य इलाकों में हवाई हमले शुरू कर दिए।
इजरायली रक्षा बलों के अनुसार इन हवाई हमलों में ईरान समर्थित उग्रवादी समूहों के सदस्यों को निशाना बनाया गया। दक्षिणी बेरूत में कम से कम आठ धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
इजरायल ने अपने देश के दक्षिण और पूर्व में लगभग 50 शहरों को खाली कराने की अपील भी जारी की है। यह निर्देश पहले के संघर्षों के दौरान भी लागू किए जा चुके सुरक्षा उपायों की पुनरावृत्ति माना जा रहा है।
अमेरिका और इजरायल की ओर से हमले जारी रखने की बात कही गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, हालांकि इन लक्ष्यों का खुलासा नहीं किया गया है। लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी हमलों के कारण पूरे पश्चिम एशिया में बड़े युद्ध की आशंका गहराती जा रही है।



