लगभग एक साल पहले एक ऐसा मामला सामने आया था जिसने पुलिस महकमे की खूब किरकिरी कराई थी। उस प्रकरण में पुलिस अपने कारनामों के कारण दूर-दूर तक चर्चा में रही। स्थिति कुछ ऐसी बनी कि गलती एक अधिकारी की थी, लेकिन कटघरे में कई लोगों को खड़ा होना पड़ा। उस समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि जीरो टॉलरेंस की नीति है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
लेकिन समय बीतने के साथ मामला ठंडा पड़ गया। जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई की फाइलें अभी भी धूल फांक रही हैं। अब सबको इंतजार है कि आखिर वह दिन कब आएगा जब अनुमति मिलेगी और कार्रवाई का पहिया आगे बढ़ेगा।



