शहडोल, 14 मार्च 2026।
उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शासकीय आईटीआई परिसर, शहडोल में रोटरी क्लब शहडोल, मंडला मेकल, जबलपुर, राजकृष्ण तन्खा फाउंडेशन, चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल भोपाल तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
श्री शुक्ल ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील और जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने खान-पान में सावधानी रखने और बाहर के अस्वास्थ्यकर भोजन से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद लोगों की सेवा का एक अत्यंत पुनीत कार्य है।
उप मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे जरूरतमंदों को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने निरोगी काया अभियान के तहत घर-घर जाकर बीपी, शुगर, ह्रदय रोग, फैटीलीवर, कैंसर सहित अन्य बीमारियों की जांच करने और बालिकाओं के हिमोग्लोबिन की नियमित जाँच करने की जानकारी दी।
श्री शुक्ल ने बताया कि 28 फरवरी से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 14 से 15 वर्ष 03 माह तक की बालिकाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क टीका लगवाने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने खान-पान एवं जीवनशैली के अनुचित होने के कारण बीमारियों में वृद्धि पर चिंता जताई। उन्होंने योग, प्राणायाम अपनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। गोबर और गौमूत्र से मिट्टी को स्वस्थ बनाने तथा शुद्ध उपज का सेवन करने से स्वास्थ्य में सुधार संभव है।
उन्होंने दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए जन जीवन मिशन के तहत घर-घर शुद्ध जल पहुँचाने का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती स्वस्थ समाज और धरती के लिए महत्वपूर्ण है और प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रमुखता से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने रोटरी राहत शिविर की सराहना करते हुए चलित अस्पताल के लाभ को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि ब्लाइंड बच्चों की पहचान कर और बाल हृदय रोगी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के माध्यम से कराया जाए।



