कोलकाता, 11 फरवरी।
पश्चिम बंगाल में एक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद से जुड़े कथित निजी चैट विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राज्य पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस ने ‘एक्स’ को पत्र भेजकर उस सामग्री को हटाने का अनुरोध किया है, जिसमें एक टीएमसी सांसद और उनके कथित करीबी के बीच निजी और आपत्तिजनक चैट साझा किए गए थे। मालवीय का दावा है कि पुलिस के पत्र की विषय पंक्ति में “एक मौजूदा सांसद की निजी अंतरंग चैट का गैर-सहमति से साझा किया जाना” उल्लेखित है।
भाजपा ने कहा कि इस शब्दावली से संकेत मिलता है कि चैट को फर्जी बताने के बजाय उसे वास्तविक माना गया है। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि चैट असली हैं तो सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ यह कहते हुए प्राथमिकी क्यों दर्ज की गई कि सामग्री मनगढ़ंत है।
मालवीय ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास चैट की प्रामाणिकता से जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं और पुलिस का हालिया पत्र उनके पक्ष को मजबूत करता है। उन्होंने कृष्णानगर पुलिस से स्पष्ट करने की मांग की कि कार्रवाई स्वतंत्र रूप से की गई या किसी दबाव में। साथ ही संबंधित सांसद और राज्य के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक से अदालत में जवाब देने की बात कही।
भाजपा ने आरोप लगाया कि यदि राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए राज्य तंत्र का दुरुपयोग हुआ है और नागरिकों को निशाना बनाया गया है, तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस या संबंधित सांसद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।



