वाशिंगटन/टोक्यो, 16 मार्च 2026।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में सहयोग नहीं करता, तो इसका भविष्य बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर यूरोपीय देशों को सख्त चेतावनी दी।
ट्रंप ने कहा कि इस जलडमरूमध्य से जो लोग लाभ उठाते हैं, उन्हें सुनिश्चित करना चाहिए कि वहां कोई समस्या न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई सहायता नहीं दी गई, तो यह नाटो के भविष्य के लिए हानिकारक साबित होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के खिलाफ यूक्रेन को दी गई अमेरिका की मदद का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें उनके मामले में सहायता देने की आवश्यकता नहीं थी, लेकिन अब देखा जाएगा कि वे हमारी मदद करते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि आवश्यक होने पर बारूदी सुरंग नष्ट करने वाले जहाज भी भेजे जा सकते हैं।
ट्रंप ने नाटो की भूमिका का भी जिक्र करते हुए बताया कि यह गठबंधन अपने सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, लेकिन किसी सदस्य देश के युद्ध शुरू करने पर मदद करने का दायित्व नहीं रखता। फ्लोरिडा से एयर फ़ोर्स वन विमान द्वारा व्हाइट हाउस लौटते समय उन्होंने दोहराया कि अमेरिका हमेशा नाटो के साथ खड़ा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की क्योंकि उन्होंने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का तुरंत समर्थन नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को अहम सहयोगी माना जाता है, लेकिन उन्होंने मदद नहीं की।
जापान के प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि उनके देश की फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में कोई जहाज भेजने की योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने टोक्यो से सीधे कोई अनुरोध नहीं किया है, हालांकि जापानी सरकार आवश्यक कदम उठाने पर विचार कर रही है। उल्लेखनीय है कि ताकाइची और ट्रंप गुरुवार को वाशिंगटन में मुलाकात करेंगे।
वर्तमान में नाटो में कुल 32 सदस्य देश हैं, जिनमें स्वीडन नवीनतम सदस्य है। संस्थापक सदस्य बेल्जियम, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस, आइसलैंड, इटली, लक्ज़मबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।



