आजमगढ़, 05 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में गौतस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बीती रात पुलिस को बड़ी सफलता मिली। निजामाबाद और फूलपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस और गौतस्करों के बीच दो अलग-अलग मुठभेड़ हुईं। इन दोनों घटनाओं में हिस्ट्रीशीटर समेत चार गौतस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने इनके पास से अवैध तमंचा, कारतूस, चापड़, मोबाइल फोन और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।
पहली मुठभेड़ निजामाबाद थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब देर रात पुलिस रंगभरी होली को देखते हुए इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि गोवध निवारण अधिनियम के मामले में वांछित आरोपी मेराज अपने साथी नासिर के साथ बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से छुट्टा पशुओं की तलाश में नेवादा की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने नेवादा पुल के पास घेराबंदी कर दी।

कुछ देर बाद संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार वहां पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने कई बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश गोलीबारी करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मेराज के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल मेराज को नेवादा पुल के पास झाड़ियों से पकड़कर अस्पताल भेजा गया, जबकि उसका साथी नासिर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, मोबाइल, 840 रुपये नकद और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।
सीओ सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार मेराज हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर सहित 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
दूसरी मुठभेड़ फूलपुर थाना क्षेत्र में हुई। होली की रात पुलिस को सूचना मिली कि मुडियार गांव के पास पुलिया के निकट कुछ संदिग्ध लोग किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आमिर के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो साथी साकिब और युसुफ को मौके से पकड़ लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
सीओ फूलपुर किरन पाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे सुनसान स्थानों पर गौवंश पकड़कर उनका अवैध वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए अवशेषों को नदी या नालों में फेंक दिया करते थे।
पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।



