19 फरवरी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने एक्स संदेश में शिवाजी महाराज को स्वराज्य के वास्तुकार, धर्म के रक्षक, निर्भीक योद्धा और जनकेंद्रित शासन के समर्थक के रूप में याद किया और कहा कि उनका जीवन आज भी साहस, न्याय और निस्वार्थ नेतृत्व की प्रेरणा देता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शिवाजी महाराज ने अल्पायु में ही हिंदवी स्वराज की स्थापना का संकल्प लिया और राष्ट्र के हर हिस्से में स्वधर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए जीवन समर्पित किया तथा राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित सेना का निर्माण किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें पराक्रम और प्रजावत्सलता का दिव्य संगम बताते हुए कहा कि उनका जीवन स्वाभिमान की स्वर्णिम गाथा है, जो युगों तक प्रेरणा देगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मराठी में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें “जाणता राजा” कहकर नमन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम और कल्याणकारी शासन से स्वराज्य के विचार को मजबूत किया और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी भारत की संस्कृति की रक्षा की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें अदम्य पराक्रम का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, कर्तव्य और न्याय का आदर्श है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें महापराक्रमी शूरवीर और कुशल प्रशासक बताते हुए देशवासियों को शिवजयंती की शुभकामनाएं दीं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिवाजी महाराज को शौर्य, दूरदर्शिता और न्यायप्रिय नेतृत्व का अद्वितीय प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें हिंदवी स्वराज्य के प्रणेता और शौर्य के शिखर पुरुष के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन पराक्रम, न्याय और सुशासन का अद्वितीय समन्वय है।



