14 फरवरी भारत के इतिहास में एक दुखद दिन के रूप में दर्ज है, जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। उस दिन आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे वाहन से जवानों की बस को टक्कर मार दी थी।
इस भीषण विस्फोट में कम से कम 39 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। यह हमला हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों पर हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल है। घटना के बाद पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।
पुलवामा हमला आज भी देश की स्मृति में गहरे घाव के रूप में मौजूद है। हर साल इस दिन शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके बलिदान को याद किया जाता है। यह घटना आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सतर्क रहने और एकजुटता बनाए रखने की आवश्यकता की भी याद दिलाती है।



