20 फरवरी।
1987 में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश को भारत के 23वें और 24वें राज्य का दर्जा दिया गया, जिससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिरता आई।
इन दोनों क्षेत्रों को इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश के रूप में प्रशासित किया जाता था। मिजोरम में लंबे समय तक चल रही अस्थिरता और विद्रोही गतिविधियों को शांत करने के लिए 1986 में मिजो शांति समझौता हुआ, जिसके बाद 1987 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक और सामरिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए इसे भी पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया। इन दोनों राज्यों के गठन से पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रशासनिक ढांचा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ।
भारत में मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य बनने को संघीय संरचना के विस्तार और देश के लोकतांत्रिक ढांचे में समावेशिता बढ़ाने वाला कदम माना जाता है। यह घटना आज भी पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में मील का पत्थर है।



